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सेंदरा / कारका ( खोज / search )

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      सेंदरा - कोड़ा को होतेते      कारका - कुड़ी को होतेते       सेंदरा रेनाक् हा़टिञ दौ एयाय (7) लेकानाग् मेनाक्आ 1. बाहा सेंदरा - ( बाहा पोरोब तेसार माहा रे हुयोक्आ ) 2. पुर सेंदरा - ( आतों कोडा़ होतेते नेनडा कातेक् जाहांन् माहा रेगे होयोक्आ ) 3. जारपा सेंदरा - ( मित् टेन बिर गे आडे पासे बारया पेया आतो टोला होड़ मिला़व कातेक् को सेंदराया ) 4. गिरा़ सेंदरा - ( जांहां बिर गे दिहरी बाबा होतेते गिरा़ आडा़क् कातेक् को सेंदराया ) 5. दिसवा़ सेंदरा - ( मित् टेन बिर गे जाव सेरमा गे जाहां नेनडा कातेक् को सेंदरायेत् ताहेंना ) 6. राज सेंदरा - ( लाहा जाहां राजा को होतेते सेंदरा होयोक् कान ताहेंना ) 7. लॉ बिर सेंदरा - ( नोवा दो आजोदिया़ बुरू सेंदरा काना जाहां दो बा़यसा़ख कुना़मी रे हुयोक् काना आर नोवा रेगे लाॉ बिर बा़यसी हों होयोक् काना )        सेंदरा बिर रेना जुड़ू खेरवाल साँवता रे जुड़ू रेना हाटिञ 1. ढिङकिया़ जुड़ू 2. टोटाकिया़ जुड़ू 3. आ़पाड़िया़ जुड़ू 4. मामा: सेरोम जुड़ू 5. लाडया जुड़ू 6. सिकारिया जुड़ू सेंदरा बिर...

संताली भाषा ( syllabus )

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 संताली भाषा ( syllabus ) 1. व्याकरण - संज्ञा, सर्वनाम, वचन, लिंग, पुरुष, सजीव- निर्जीव, विशेषण, समान शब्द, विलोम शब्द, प्रत्यय, मुहावरा, बुझोवोल आदि । 2. साहित्य :- 1. संताली लोक साहित्य - अर्थ, परिभाषा, भाग-विभाग, संतालों का उद्भव और विकास, गोत्र विभाजन, गाढ़ विभाजन, पर्व-यौहार, संस्कार, विवाह, मृत्यु आदि । 2. साहित्य :- 1. संताली लोक साहित्य - अर्थ, परिभाषा, भाग-विभाग, संतालों का उद्भव और विकास, गोत्र विभाजन, गाढ़ विभाजन, पर्व-यौहार, संस्कार, विवाह, मृत्यु आदि । 2. लोकगीत - डाहार, बाहा, सोहराय, काराम, दोङ, सेरेज, विवाह, दासांय आदि। 3. कहानी- आगिल हापड़ाम कोवाः काथा, सोहराय, कविता, सोपोदोन आदि। 4. निबंध- सिदो-कन्हू हुल, बाबा तिलका माँझी हुल, डिबा-किसुन, बिरसा हुल, पर्व-त्यौहार, आगिल हापड़ाम् कोवाक् काथा आदि। 5. साहित्यकार- डोमन साहु समीर, भागवत मुरमू ठाकुर, दिगम्बर हाँसदाः, ठाकुर मुरमू ठाकुर, बाबूलाल मुरमू, केवलराम सोरेन, आदित्य मित संताली आदि। 6. संताली शिष्ट साहित्य- कविता - कुङ कुरूबुद (हरिहर हांसदा), सांवहेंत् (बादल मुर्मू), माराङोः (सारदा प्रसाद किस्कू), सेंगेल, बिरसा मुण्डा...

संताली व्याकरण/संथाली व्याकरण - 4. लिंग-जानाड. (GENDER)

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 4. लिंग-जानाड. (GENDER) परिभाषा- संताली व्याकरण रे ओनकान साबाद जाहाँ ते बाबा जोना आर गोगो जोना तालारे भेद बाडाय दारामो‌आ, जानाङ कु मितावाक्आ। ( जिवीयान बिन जिवीयान को ओकोय को दो कोड़ा जाङ रेन आर ओकोय दो कुड़ी जाङ रेन आर ओकोय को दो ओका जाङ रेन हों को बाङ काना, ओना जाङ उरूम काथा गे जानाङ को मेताक्आ ) प्रकार- संताली व्यकारण रे पुन लेकानाक् जानाड. नोंड. का लेका मिनाक्आः- (1) कोड़ाजानाड. (पुल्लिंग) (2) कुड़ीजानाड. (स्त्रीलिंग) (3) जा़तजानाड. (उभय लिंग) (4) हादजानाड. (निर्जिव लिंग) 1. कोड़ा जानाड. (पुल्लिंग) परिभाषा - जाहान् ञुनुम साबाद ते कोड़ा बाबोत ते बाडाय दारमोंक्‌आ, कोड़ा जानाड. कु मितावाक्आ।  ( जाहाँ ञुनुम साबाद ते कोड़ा जा़त रेयाक् बाडायोकआ ओना दो कोड़ा जानाङ को मेतावाक्आ ) उदाहरण- डांगरा, काडा, कोड़ा, बाना, आंडिया, बोदा इमान तियाक् । 2. कुड़ी जानाड. (स्त्रीलिंग) परिभाषा - जाहान् ञुनुम साबाद ते कुड़ी बाबोत ते बाडाय दारामोआ, कुड़ी जानाड. कु मितावाक्आ।  ( कुड़ि जा़त रेन दो कुड़ि जानाङ को मेताकआ ) उदाहरण- गाय, बितकील, कुड़ी, आयो, कालोट, पा़ठि इमान तियाक्।  3. जा़त ...